बिजनौर-शाहनवाज अंसारी के हत्यारोपी सुमित को आजीवन कारावास व एक लाख अस्सी हजार रुपये का अर्थ दंड , -सीजेएम कोर्ट में ताबड़तोड़ गोली चलाकर की थी हत्या -अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने कड़ी सुरक्षा के बीच सुनाया फैसला -हत्यारोपी सुमित को वापस जिला बहराइच जेल भेजा गया - NEWS NETWORK INDIA

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गुरुवार, 23 मई 2024

बिजनौर-शाहनवाज अंसारी के हत्यारोपी सुमित को आजीवन कारावास व एक लाख अस्सी हजार रुपये का अर्थ दंड , -सीजेएम कोर्ट में ताबड़तोड़ गोली चलाकर की थी हत्या -अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने कड़ी सुरक्षा के बीच सुनाया फैसला -हत्यारोपी सुमित को वापस जिला बहराइच जेल भेजा गया

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बिजनौर के थाना नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम कनकपुर निवासी शातिर अपराधी शाहनवाज अंसारी की 17 दिसंबर 2019 को सीजेएम बिजनौर कोर्ट में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने जनपद शामली निवासी सुमित को आजीवन कारावास व एक लाख हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है । कोर्ट ने कोर्ट मोहरिर को गोली लगने के मामले में 10 वर्ष की कैद व 70 हजार जुर्माना, आर्म्स एक्ट में 05 वर्ष का कारावास और  दस हजार रुपये के जुर्माने की भी सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेगी। सजा सुनाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया। सजा सुनाने के बाद उसे वापस जिला बहराइच की जेल भेजा गया है। इस दौरान अर्थदण्ड की कुल धनराशि में से  अस्सी हजार रुपये मृतक शाहनवाज के वारिसान तथा  साठ हजार घटना में घायल आरक्षी मनीष कुमार को प्रतिकर के रुप में प्रदान किये जाने का आदेश दिया गया। 

     थाना नजीबाबाद के गांव कनकपुर निवासी शाहनवाज अंसारी पुत्र अलीमुद्दीन पर हत्या समेत दर्जनभर केस दर्ज थे। 17  दिसंबर 2019 को तिहाड़ जेल दिल्ली से उसे नजीबाबाद निवासी अहसान हत्याकांड के मामले में सीजेएम कोर्ट बिजनौर लाया गया था। तीन हमलावरों ने कोर्ट के अंदर जज के सामने उसकी हत्या कर दी थी, जबकि मृतक का साथी जब्बार पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी नजीबाबाद फरार हो गया था। इस मामले में पुलिस ने बसपा नेता अहसान के नाबालिग बेटे साहिल, उसके दोस्त अकराज व शार्प शूटर सुमित को गिरफ्तार किया था। 28 मई 2019 को नजीबाबाद में बसपा नेता एहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या का बदला लेने के लिए शातिर अपराधी शाहनवाज अंसारी हत्याकांड को अंजाम दिया गया था, इस दौरान तीनों हत्यारोपियों ने शाहनवाज को निशाना लगाकर 12 गोली मारी थीं।        उस वक्त सीजेएम के गनर रवि, दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल, कोर्ट मोहर्रिर मनीष आदि ने साहस का परिचय देते हुए तीनों हमलावरों क्रमशः साहिल पुत्र अहसान निवासी मौहल्ला पठानपुरा नजीबाबाद, अकराज निवासी मौहल्ला यादगार थाना किरतपुर व सुमित पुत्र जयपाल निवासी ग्राम लिलोनखेडी थाना कोतवाली शहर जनपद शामली

को पकड़ लिया था। इस दौरान जबड़े में गोली लगने से कोर्ट मोहर्रिर मनीष व दिल्ली पुलिस का एक सिपाही भी घायल हो गया था। 

शाहनवाज अंसारी हत्याकांड के समय नाबालिग साहिल व अकराज का मामला किशोर न्यायालय बोर्ड में चल रहा है, दोनों की सुनवाई पर हाई कोर्ट से स्टे है। जबकि सुमित की सुनवाई सीजेएम कोर्ट में चल रही थी। 


शाहनवाज हत्याकांड के मामले में जजी चौकी प्रभारी सहित 18 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड किये गए थे। 

-शाहनवाज हत्याकांड में थाने के पैरोकार विकास कुमार ने थाना शहर कोतवाली में तब साहिल व उसके दो साथियों अफराज व सुमित के खिलाफ हत्या का मुकदमा तथा फरार जब्बार के खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मुकदमा दर्ज कराया था। 

-मृतक शाहनवाज के भाई सुहेल अंसारी ने भी किरतपुर नगर पालिका चेयरमैन व उसके भाई के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी।  

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