स्योहारा । दिव्यांगजनों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा को पुलिस द्वारा उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में रोष है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि दिव्यांग महागठबंधन द्वारा लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से दिव्यांग संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल होने के लिए लखनऊ रवाना हो रहे थे।
पाशा के अनुसार, कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस द्वारा विभिन्न जिलों में दिव्यांग संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर रोकने की कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह स्वयं लखनऊ जाने के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें भी उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की आवाज को किसी भी तरह दबाया नहीं जा सकता। उनका कहना था कि संगठन अपने अधिकारों और जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।
'हाउस अरेस्ट कर दिव्यांगजनों की आवाज नहीं दबाई जा सकती'
एमआर पाशा ने कहा कि यदि दिव्यांगजनों को अलग-अलग स्थानों पर हाउस अरेस्ट किया जा रहा है तो इससे उनकी समस्याएं समाप्त नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा और दिव्यांगजनों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
मुख्यमंत्री के नाम थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम थाना स्योहारा प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दिव्यांगजनों की विभिन्न मांगों को शासन तक पहुंचाने तथा उनके समाधान की मांग की गई।
इस दौरान मोहम्मद आजम, फहीम, विपिन, रोहित, सितारे आलम, बब्बू, आफताब, शहजाद, सलीम टेलर, साजिद, इकराम, सलमान, बाबूराम, कालू सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याओं और मांगों को लेकर उनका संघर्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
| पाठक संख्या |
Characters Total
