बढ़ापुर । नजीबाबाद वन विभाग की साहुवाला वन रेंज में वन माफियाओ द्वारा एक बार फिर वन विभाग को खुली चुनौती देते हुए आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से यू के लिप्टिस की लड़कियों का अवैध रूप से कटान कर उन्हें बेचने के उद्देश्य से थाना कोतवाली देहात के गांव स्थित एक लकड़ी की टाल पर बेचने के साथ साथ लकड़ीयों को उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया। गनीमत रही कि मुखबिर द्वारा सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम अपनी कुंभकर्णी नींद से जागी और लकड़ीयों को टाल से पिकअप गाड़ी में वापस भरकर लेकर आई। जानकारी करने के उद्देश्य से जब साहूवाला वन रेंजर से बात की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
नजीबाबाद वन प्रभाग की साहुवाला वन रेंज वन माफियाओं के लिए मुफिद साबित हो रही है। वन माफियाओं द्वारा वन विभाग के टीम को खुलेआम चुनौती देते हुए आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा से लड़कियों का अवैध कटान लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को साहुवाला वन रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र खारी क्षेत्र की खारी बीट के अंतर्गत लाखों रुपए मूल्य की यूकेलिप्टस की लकड़ियों का अवैध रूप से कटान कर थाना कोतवाली देहात के गांव अकबराबाद स्थित एक लकड़ी की टाल पर ले जाकर बेच दिया। जिसकी वन विभाग को कानों कान खबर तक भी नहीं लग पाई गनीमत यह रही की अवैध लकड़ीयों के कटान और विक्रय में एक मुखबिर द्वारा साहू वाला वन रेंजर को सूचना दिए जाने के पश्चात वन विभाग के टीम हरकत में आई और आनन फानन ताल पर लकडीयां उतार कर वापस आ रही पिकअप गाड़ी को रास्ते से पकड़ कर उन्हें टाल पर ले जाकर लकडीयां भरकर अपने साथ रेंज कार्यालय वापस ले आई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा के किस हिस्से से अवैध रूप से पेड़ों का कटान किया गया है यह खोजबीन शुरू की जांच के बाद वन विभाग की टीम में वन रेंज के अंतर्गत आने वाले हरि बीट में अवैध रूप से कटान को पाया।
इस बाबत जब साहुवाला वन रेंजर रामवृक्ष से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वन रेंज के अंतर्गत आने वाली खारी बीट से लकड़ियों का कटान किया गया है। कितने पेड़ो का कटान हुआ है इस सवाल पर रेंजर बगले झांकते नजर आए ओर बताया कि मुखबिर द्वारा 8 पेड़ो के कटान की सूचना मिली थी। इसके अलावा रेंज में स्टाफ की कमी होने के बावजूद अपनी और से बेहतर करने की बात करते हुए बताया कि उन्हें संसाधन की भारी कमी के बाद भी वह काम कर रहें हैं।
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