घर के बाहर खड़ी 45 वर्षीय महिला को गुलदार ने बनाया शिकार खून के निशान का पीछा करते हुए खेत तक पहुंचे ग्रामीण, शव बरामद होने से मचा हड़कंप वन विभाग पर लापरवाही का आरोप - NEWS NETWORK INDIA

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गुरुवार, 10 सितंबर 2026

घर के बाहर खड़ी 45 वर्षीय महिला को गुलदार ने बनाया शिकार खून के निशान का पीछा करते हुए खेत तक पहुंचे ग्रामीण, शव बरामद होने से मचा हड़कंप वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

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नजीबाबाद। तहसील नजीबाबाद क्षेत्र के गांव आलोपुर में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब घर के बाहर खड़ी करीब 45 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बबीता पुत्री ओमप्रकाश पर गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक गुलदार महिला को लेकर दूर जा चुका था। काफी तलाश के बाद महिला का शव खेत से बरामद हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग में भी खलबली मच गई। नजीबाबाद एसडीएम शैलेंद्र सिंह, सीओ सुनील कुमार तथा वन विभाग के रेंजर राजकुमार सिंह सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से घटना की जानकारी लेते हुए आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा एवं गुलदार की तलाश को लेकर जानकारी जुटाई गई।


 खून के निशानों का पीछा करते हुए खेत तक पहुंचे ग्रामीण


ग्रामीणों के अनुसार गुलदार महिला पर हमला करने के बाद उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। मौके पर मिले खून के निशानों के आधार पर ग्रामीणों ने तलाश शुरू की और इन्हीं निशानों का पीछा करते हुए खेत तक पहुंचे, जहां महिला का शव बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।


 लगातार दिखाई दे रहा था गुलदार, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई


ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले काफी समय से गुलदार लगातार दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। ग्रामीणों ने गुलदार के दिखाई देने से संबंधित फोटो और वीडियो भी विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाए थे। इसके बावजूद गुलदार को पकड़ने अथवा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा तो लगाया गया, लेकिन उसमें पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि गुलदार की मौजूदगी की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं तो समय रहते उसे पकड़ने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।


 अगस्त में छह वर्षीय बच्चे की भी हुई थी मौत 

गुलदार के हमले की यह घटना क्षेत्र में पहली नहीं है। अगस्त 2026 में भी खुशहालपुर मड़का गांव में गुलदार ने छह वर्षीय बच्चे को अपना शिकार बना लिया था। बच्चे का शव बाद में ईख के खेत से बरामद हुआ था। अब आलोपुर में महिला की मौत के बाद लगातार हो रहे गुलदार के हमलों को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से गुलदार को तत्काल पकड़ने, प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो गुलदार के हमलों का सिलसिला और बढ़ सकता है ।

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