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शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

मछली पालन बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत, गंदगी और बदबू से जीना हुआ दुश्वार, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित; मकानों को भी नुकसान की आशंका

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स्योहारा। थाना क्षेत्र के ग्राम कुरी बांगर में करीब दस वर्षों से तालाब में चल रहा मछली पालन अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब में लंबे समय से पानी भरा रहने, मछली पालन के दौरान निकलने वाली गंदगी, सड़ी मछलियों और आसपास जमा कूड़े-कचरे के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्गंध बनी रहती है। तालाब के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण उनका घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसडीएम से कर तालाब का स्थलीय निरीक्षण कराने और समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव के तालाब में लगभग एक दशक से मछली पालन किया जा रहा है। तालाब में लगातार पानी भरा रहने के कारण आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। आरोप है कि आसपास के क्षेत्रों से आने वाला गंदा पानी भी तालाब में पहुंच रहा है। तालाब के आसपास कूड़ा-कचरा जमा रहने तथा मछलियों के मरने के बाद उनके सड़ने से स्थिति और खराब हो जाती है।


सड़ी मछलियों की बदबू से सांस लेना मुश्किल

तालाब के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि मछलियों के मरने के बाद उनके सड़ने से निकलने वाली दुर्गंध दूर तक फैलती है। गर्मी और उमस के दौरान स्थिति अधिक खराब हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार तेज बदबू के कारण कई बार घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखने पड़ते हैं।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब और आसपास जमा गंदगी के कारण मच्छरों तथा अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस स्थिति से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।


गंदगी के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बदबू और खराब वातावरण के कारण बच्चों को घर में पढ़ने में परेशानी होती है। अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंतित हैं।


तालाब के पानी से मकानों को नुकसान की आशंका

ग्रामीणों ने तालाब में लगातार पानी भरे रहने से आसपास की जमीन में नमी बढ़ने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि इसका असर तालाब के आसपास बने मकानों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दीपक नामक व्यक्ति के मकान के टेढ़े होने की समस्या सामने आई है। अन्य लोग भी अपने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब में पानी का स्तर और आसपास की नमी इसी तरह बनी रही तो कमजोर मकानों को भविष्य में नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में तकनीकी स्तर पर भी जांच कराने की मांग की है।


एसडीएम से शिकायत, स्थलीय निरीक्षण की मांग

समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर तालाब का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर तालाब की स्थिति, पानी की गुणवत्ता, आसपास जमा गंदगी तथा मछली पालन से उत्पन्न हो रही समस्याओं की जांच कराए।

ग्रामीणों ने तालाब की सफाई कराने, कूड़ा-कचरा हटाने, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करने तथा यदि जांच में मछली पालन से आसपास के लोगों के स्वास्थ्य और मकानों पर प्रतिकूल प्रभाव की पुष्टि होती है तो आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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