सरकारी अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी होने पर उठे सवाल, अस्पताल में 24 घंटे प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी रहने का आरोप,सीएमओ बोले-एफआईआर कराएं - NEWS NETWORK INDIA

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शनिवार, 12 सितंबर 2026

सरकारी अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी होने पर उठे सवाल, अस्पताल में 24 घंटे प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी रहने का आरोप,सीएमओ बोले-एफआईआर कराएं

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 किरतपुर । नगर स्थित सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। गरीब मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए कहे जाने के आरोपों के बीच अब अस्पताल परिसर में कथित तौर पर 24 घंटे प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी रहने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले जरूरतमंद मरीजों को कई बार बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए क्यों भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सीसीटीवी फुटेज से खुल सकता है राज

अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस के लगातार खड़े रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस की सुविधा होने के बावजूद निजी एंबुलेंस को परिसर में लंबे समय तक खड़े रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई। लोगों ने एंबुलेंस के स्वामित्व, अनुमति और वहां खड़े रहने के उद्देश्य की जांच की मांग की है।

लोगों के अनुसार अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच से पता चल सकता है कि एंबुलेंस कब से परिसर में खड़ी हो रही है और उसकी गतिविधियां क्या हैं। इसके साथ अस्पताल के अभिलेखों और संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी लेने की मांग की गई है।

सीएमओ बोले- प्राइवेट एंबुलेंस मिले तो एफआईआर कराएं

मामले को लेकर जब सीएमओ बिजनौर से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकारी अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी मिलती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। सीएमओ के इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों ने मामले को उच्च अधिकारियों और सांसद के संज्ञान में लाने की बात कही है। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजर है।

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