नूरपुर पुलिस ने ग्राम आलमपुर एडवा के जंगल में महिला की गला दबाकर हत्या करने, शव पर कंबल डालकर आग लगाने तथा उसकी तीन वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के प्रयास के सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त को घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन सहित गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त की निशानदेही पर मृतका के डेढ़ वर्षीय मासूम पुत्र को भी मुरादाबाद स्थित ससुराल से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
जंगल में मिला था अधजला शव और रोती हुई मासूम
घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि 23 सितंबर को नूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आलमपुर एडवा के जंगल में ईख (गन्ने) के खेत के किनारे एक अज्ञात महिला का अधजला शव और पास में ही उसकी तीन वर्षीय बच्ची रोती हुई मिली थी। पुलिस ने शव व बच्ची की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के बाद नवलपुर बैराज कोतवाली शहर निवासी अनिल कुमार ने मृतका की पहचान अपनी पत्नी ऊषा और बच्ची की पहचान अपनी पुत्री के रूप में की। अनिल की तहरीर पर 25 सितंबर को नूरपुर थाने में नीरज कुमार के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया।
प्रेम संबंध, लिव-इन का दबाव और खौफनाक साजिश
26 सितंबर को पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त नीरज पुत्र रामअवतार (निवासी ग्राम बीलना, थाना नौगावां सादात, जनपद अमरोहा) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मृतका ऊषा उसके सगे ताऊ की पुत्री (चचेरी बहन) थी। करीब 6 माह पूर्व एक पारिवारिक समारोह के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो बाद में नजदीकियों में बदल गई। पति से अनबन के चलते ऊषा ग्राम स्याऊ में किराए पर रह रही थी। आरोप है कि ऊषा लगातार नीरज पर साथ (लिव-इन) में रहने का दबाव बना रही थी, जिससे पीछा छुड़ाने के लिए उसने हत्या की साजिश रची।
गला घोंटकर लगाई आग, मासूम को मृत समझकर फेंका
योजना के तहत नीरज 19 सितंबर की रात ऊषा और उसके दोनों बच्चों को हरिद्वार-ऋषिकेश घुमाने ले गया और 20 सितंबर को नूरपुर के एक होटल में ठहराया। 22 सितंबर की रात करीब 10:15 बजे वह सभी को पिकअप वाहन से आलमपुर एडवा के जंगल में ले गया। वहां उसने ऊषा की गला दबाकर हत्या कर दी और दुपट्टे से गले में गांठ लगा दी।
इस दौरान जब तीन वर्षीय बच्ची रोने लगी, तो नीरज ने उसका भी गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया और दोनों को मृत समझकर ईख के खेत के किनारे फेंक दिया। पहचान मिटाने के लिए उसने ऊषा के शव पर कंबल डालकर आग लगा दी, मोबाइल तोड़कर फेंक दिया और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे को लेकर मुरादाबाद स्थित अपनी ससुराल में झूठी कहानी बताकर छिपा दिया। बच्ची की हत्या के प्रयास के चलते मुकदमे में धारा 109(1) बीएनएस की वृद्धि की गई है।
बरामदगी और पुलिस टीम
पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिकअप गाड़ी (यूपी 23 बीटी 5438), अभियुक्त का वीवो मोबाइल फोन
बच्चे के दूध की स्टील वाली बोतल व सफेद रूमाल बरामद किया है।
वारदात का पर्दाफाश करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नूरपुर प्रवेज कुमार, उपनिरीक्षक रवि कुमार, उपनिरीक्षक श्रीकान्त सत्यार्थी, हेड कांस्टेबल जोगेन्द्र सिंह, कांस्टेबल आकाश कुमार (सर्विलांस), कांस्टेबल किशनपाल और राहुल कुमार शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
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