शेरकोट । वाजिदपुर में पटाखों के अवशेष में हुए विस्फोट के मामले में गंभीर रूप से झुलसे किशोर रोहन की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को रोहन की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं हादसे में घायल उसका बड़ा भाई रोहित अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
गौरतलब है कि रविवार को वाजिदपुर में बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास पड़े आतिशबाजी के अवशेष में अचानक तेज विस्फोट हो गया था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सगे भाई रोहित और रोहन विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए थे। धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों भाइयों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था।
मामले में पुलिस ने पांच नामजद समेत आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी पूर्व के हीमपुर दीपा विस्फोटक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं आरोपी मुकेश रघुवंशी को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
रोहन की मौत के बाद ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का सवाल है कि प्रतिबंधित पटाखों के अवशेष खुले स्थान पर कैसे पड़े रहे। उनका कहना है कि मामले की जांच कर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ।
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