नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम उस्मानपुर में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिवार की सैकड़ों बीघा बेशकीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने और उसकी बंदरबांट करने के मामले में नजीबाबाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। कमलनाथ के वकील (मुख्तार-ए-आम) की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी, फर्जी वसीयत और तत्कालीन हल्का लेखपाल डेविड कुमार की आपराधिक संलिप्तता का खुलासा हुआ है।
1998 की फर्जी वसीयत और 2003 का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र
पुलिस जांच में सामने आया है कि भू-माफियाओं ने जमीन पर अपना दावा साबित करने के लिए बेहद सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इसके तहत आरोपियों ने कमलनाथ के पिता की वर्ष 1998 की एक कूटरचित फर्जी वसीयत और वर्ष 2003 का जाली मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इन फर्जी दस्तावेजों को आधार बनाकर आरोपियों ने अदालत में वाद दायर किया, ताकि बेशकीमती जमीन का स्वामित्व अपने नाम कराया जा सके।
हल्का लेखपाल डेविड कुमार की मुख्य भूमिका
इस पूरे खेल में तत्कालीन हल्का लेखपाल डेविड कुमार की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता और मददगार के रूप में सामने आई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि जब भू-माफियाओं ने फर्जी वसीयत के आधार पर वाद दाखिल किया, तब लेखपाल डेविड कुमार ने बिना किसी स्थलीय जांच और तथ्यों को छिपाते हुए भू-माफियाओं के पक्ष में फर्जी आख्या (रिपोर्ट) प्रेषित कर दी। आरोप है कि लेखपाल से साठगांठ कर सरकारी खतौनी और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कराने की योजना थी, जिससे जमीन को आसानी से अपने पक्ष में दर्ज कराया जा सके।
एफआईआर में लगीं बीएनएस की ये धाराएं:
कमलनाथ के मुख्तार-ए-आम की तहरीर पर नजीबाबाद कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है:
धारा 318(4) बीएनएस (धोखाधड़ी/Cheating): फर्जी दस्तावेज दिखाकर जमीन हड़पने और छल करने के आरोप में।
धारा 336(3) व धारा 340(2) बीएनएस (कूटकरण/Forgery): फर्जी वसीयत व कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करने के तहत।
धारा 61(2) बीएनएस (आपराधिक षड्यंत्र/Criminal Conspiracy): संगठित रूप से जमीन हड़पने की सोची-समझी साजिश रचने के आरोप में।
लेखपाल फरार, विभागीय कार्रवाई भी तय
प्रारंभिक जांच में संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने लेखपाल डेविड कुमार को भी मामले में नामजद किया है। घटना के बाद से आरोपी लेखपाल फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उधर, राजस्व विभाग स्तर पर भी उसके निलंबन और विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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