स्योहारा-नूरपुर मार्ग पर रविवार दोपहर मिट्टी लदे हाईवे (डंपर) को रोकने और उनकी चेकिंग को लेकर पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। दोपहर करीब 12 बजे राजस्व विभाग के क्षेत्रीय लेखपाल (पटवारी) विजेंद्र सिंह ने मिट्टी लेकर जा रहे कुछ वाहनों को रोककर उनसे खनन व परिवहन से संबंधित अनुमति पत्र दिखाने को कहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर चालक तत्काल वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके बाद मौके पर पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। हालांकि, इसके बाद अधिकांश वाहनों के मौके से निकल जाने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट न होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं ।
दर्जनों वाहनों में से महज दो को थाने भेजने की बात, बाकी निकाले
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, जब लेखपाल द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी, तभी थाने के दो सिपाही भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद वहां कतार में लगे दर्जनों हाईवा में से सिर्फ दो वाहनों को ही थाने की दिशा में भेजा गया, जबकि अन्य वाहन धीरे-धीरे वहां से निकलते चले गए। स्थानीय लोगों में यह भी चर्चा रही कि थाने की ओर भेजे गए दोनों वाहन भी रास्ते से ही अन्यत्र मुड़ गए या नहीं, इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
कार्रवाई या व्यवस्था बनाने की कवायद?
घटना के बाद क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि व्यस्त मार्ग होने के कारण पुलिसकर्मी जाम खुलवाने और वाहनों को साइड कराने में लगे थे, जबकि अन्य लोगों का सवाल है कि यदि वाहनों के पास खनन व रॉयल्टी से जुड़े दस्तावेज नहीं थे, तो सभी की सघन जांच कर एक समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई? वहीं, यदि परिवहन पूरी तरह वैध था, तो बीच सड़क पर वाहनों को रोककर भ्रम की स्थिति क्यों पैदा की गई?
पारदर्शिता को लेकर खड़े हो रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए:
क्या मौके पर रोके गए वाहनों के खनन व रॉयल्टी प्रपत्रों का भौतिक सत्यापन किया गया था?
यदि दस्तावेज अपूर्ण थे, तो संबंधित चालकों पर नियमानुसार सीजर या चालान की कार्रवाई क्यों दर्ज नहीं हुई?
थाने ले जाने के लिए चिन्हित किए गए वाहनों की वर्तमान स्थिति क्या है?
मामले में राजस्व व पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रेस नोट या वक्तव्य जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले में उच्चाधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
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