नगर पालिका परिषद स्योहारा द्वारा मुख्य मार्ग पर डिवाइडर रखने और हटाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पालिका ने पहले जिस ठेकेदार को सड़क चौड़ीकरण का कार्य सौंपा था, उसी ठेकेदार से सड़क के बीचों-बीच भारी-भरकम डिवाइडर रखवा दिए गए। अब महज एक दिन बाद ही क्रेन बुलाकर उन डिवाइडरों को दोबारा हटवाया जाने लगा है। पालिका के इस अजीबोगरीब रवैये से सरकारी धन की बर्बादी और कमीशनखोरी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में खुली पोल: 'कल लगाने का आर्डर था, आज हटाने का'
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जब क्रेन चालक से डिवाइडर हटाने को लेकर सवाल किया गया, तो उसने साफ कहा कि उसे ठेकेदार ने कल डिवाइडर लगाने का आर्डर दिया था और आज अचानक हटाने का आर्डर दे दिया। चालक यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि यह पूरा काम किसके निर्देश पर चल रहा है।
हादसों के बाद पूर्व में हटे थे, फिर क्यों रखे गए?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व भी इसी मार्ग पर डिवाइडर रखे गए थे, जिनसे आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं हो रही थीं। जनता के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने उन्हें हटवा दिया था। अब दोबारा उसी स्थान पर बिना किसी रेडियम, रिफ्लेक्टर या संकेतक के डिवाइडर रख दिए गए, जिसके चलते हाल ही में एक कार डिवाइडर से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
कमीशनखोरी या पुराने पेमेंट का खेल?
आगामी गन्ना पेराई सत्र के दौरान सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में संकरे मार्ग पर डिवाइडर रखने से जाम और हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। नगरवासियों में चर्चा है कि क्या ठेकेदार के पुराने भुगतान के एडजस्टमेंट के लिए यह नया खेल रचा गया या फिर हर बार टेंडर निकालकर कमीशन डकारने की नीयत से यह सब हो रहा है।
नागरिकों ने पूरे मामले में सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण के टेंडरों की जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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