नजीबाबाद। ऑल इंडिया मुशायरे को लेकर दो राजनैतिक नेताओ के बीच ऐसी तलवार खिची कि देखते ही देखते मुशायरा राजनीती का अखाड़ा बन गया। मुशायरा के होर्डिंग पर एक नेता का फोटो देखकर दूसरे नेता को ऐसी मिर्ची लगी कि उसने मुशायरा का आयोजन होने पर शहर छोड़ने तक की धमकी दे डाली। खीचतान के बीच पुलिस प्रशासन ने हालात को देखते हुए मुशायरे की परमिशन को निरस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार तहसील नजीबाबाद की नगर पंचायत जलालाबाद में 22 अक्टूबर को रात्रि के समय एक ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जाना था जिसमें आयोजको की ओर से सपा के पूर्व चेयरमैंन का मुख्य अतिथि के रूप में होर्डिंग पर फोटो लगा दिया, बस फिर क्या था दूसरे नेता को ऐसी मिर्ची लगी कि उसने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया और आयोजन होने पर शहर छोड़ने तक की धमकी दे डाली। बताया जाता है कि ऑल इंडिया मुशायरे के शायरों को पेमेंट भी जा चुका था लेकिन ऐंन वक्त पर अनुमति न मिलने से एक नेता के समर्थकों में मायूसी छा गई। जलालाबाद रोड पर स्थित एक ऑफिस पर समर्थकों ने परमिशन निरस्त होने की खुशी मनाते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई तथा आतिशबाजी छोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। भाजपा नेताओं की माने तो मुशायरे में सरकार के प्रति तीखी तल्ख टिप्पणी की जाती थी जिसको लेकर समर्थकों में भारी रोष था।
विवाद की क्या है असली वजह?
जलालाबाद नगर निवासियों की माने तो पूर्व चेयरमैंन याकुब राईन और भाजपा नेता अख्तर के बीच नगर पंचायत चुनाव में आमना सामना होने पर पूर्व चेयरमैंन याकुब राईन की पुत्रवधू ने भाजपा नेता अख्तर राईन को चुनाव में हराया था जिसमें उस दौरान शहाबुद्दीन राईन ने पूर्व चेयरमैंन याकुब राईन का भरपूर साथ दिया था जो अब इनसे अलग हो गया है । भाजपा नेता अख्तर राईन के समर्थक ने बताया कि आयोजकों में शामिल एक व्यक्ति की ओर से समाज के प्रति गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की गई थी जिसको लेकर समाज की ओर से बहिष्कार तक की चेतावनी दी गई थी लेकिन अब मुशायरा की आड़ में इसे जिम्मेदार बनाकर प्रमोट किया जा रहा है, जिससे समाज में भारी रोष है।
एक दूसरे पर पलटवार का दौर हुआ चालू
ऑल इंडिया मुशायरा को लेकर जलालाबाद राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। भाजपा समर्थकों की माने तो मुशायरे की आड़ में सरकार पर खूब तंज कसे जाते हैं। सरकार विरोधी लोगों को मुशायरे में आमंत्रित कर अलग माहौल तैयार किया जा रहा है जिसे भाजपा समर्थक बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व चेयरमैंन याकुब राईन का कहना है कि वह तो मुशायरे में पहली बार ही शामिल हुए थे इससे पूर्व जितने भी आयोजन हुए हैं उनमें इसी गुट के लोग शामिल हुए थे। यह लड़ाई मुशायरा को लेकर नहीं बल्कि चंदे की आड़ में अपना उल्लू सीधा करने वाले लोगों को चोट पहुंची है। पूर्व में आयोजन किन लोगों ने कराया था उसकी सभी रिकॉर्डिंग उसके पास मौजूद है जो समय आने पर उपलब्ध करा दी जाएगी। भाजपा नेता अख्तर राईन की माने तो वह न तो कभी मुशायरे में शामिल हुआ है और ना ही कभी इसका शौकीन रहा है। उन्होंने दावा किया है कि अगर भाजपा के खिलाफ साजिश हुई तो वह इसका पर्दाफाश जरूर करेंगे।
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