शेरकोट । ग्राम वाजिदपुर में पटाखा फैक्ट्री के अवशेष में हुए विस्फोट से दो सगे भाइयों के झुलसने के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में पड़े विस्फोटक अवशेषों का खतरा नया नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में ऐसी घटनाओं में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।
ताजा हादसे में साइकिल से जा रहे दो सगे भाई रोहित (16) और रोहन (14) बंद ईंट भट्ठे के पास पड़े पटाखों के कचरे में धमाके की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज कई गांवों तक सुनाई दी।
ग्रामीणों ने बताया कि 25 जनवरी को नगर के मोहल्ला हलवाईयान में भी विस्फोट हुआ था, जिसमें 65 वर्षीय वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसी तरह 13 फरवरी 2024 को ग्राम महमदाबाद में हड्डियां बीनते समय धमाका हो गया था।जिसमे स्योहारा निवासी फहीम पुत्र लड्डन गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौके पर पड़ी पोटलीनुमा वस्तुओं को बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार कर डिफ्यूज किया था।
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद पटाखा अवशेषों को खुले में फेंका जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फैक्ट्रियों की सख्त निगरानी और अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण की मांग की है।
पटाखा अवशेषों में धमाका: दो भाइयों के झुलसने के मामले में छह नामजद,
फैक्ट्री से करीब 300 मीटर दूर ईंट-भट्ठे की खाली जमीन पर फेंके थे पटाखों के अवशेष,
एफआईआर में अवैध भंडारण का आरोप,
14 सितंबर को हीमपुर दीपा क्षेत्र में पकड़ा गया था अवैध पटाखों का भंडारण, इसके बाद वाजिदपुर में अवशेष फेंकने का आरोप
शेरकोट । ग्राम वाजिदपुर में पटाखों के अवशेष में हुए धमाके से दो सगे भाइयों के गंभीर रूप से झुलसने के मामले में पुलिस ने छह नामजद और आठ-दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पटाखा फैक्ट्री संचालकों ने छापेमारी के बाद बचे पटाखों के अवशेषों को मानव जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले तरीके से खुले में फेंक दिया था। इन्हीं अवशेषों में आग लगने के बाद धमाका हुआ और घास काटने पहुंचे दो किशोर इसकी चपेट में आ गए।
एफआईआर के अनुसार ग्राम वाजिदपुर निवासी चन्द्रवीर पुत्र जयपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 सितंबर की शाम करीब 5:15 बजे उनके पुत्र रोहित (करीब 16 वर्ष) और रोहन (करीब 14 वर्ष) घास काटते हुए बंद पड़े ईंट-भट्ठे की खाली जमीन पर पहुंचे थे। वहां पड़े पटाखों के कचरे और अवशेष में अचानक आग लग गई, जिससे दोनों के पूरे शरीर गंभीर रूप से झुलस गए। तहरीर में बताया गया कि घटनास्थल पटाखा फैक्ट्री से करीब 300 मीटर दूर है।
मुकदमे में यूसुफ पुत्र बुन्दू हसन, गुफरान, रिजवान, खुर्शीद पुत्र गुलाम मोहम्मद और मुकेश पुत्र विजयपाल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में आरोप है कि ये लोग मिलकर वाजिदपुर में पटाखा फैक्ट्री चला रहे थे।
तहरीर में यह भी उल्लेख है कि 14 सितंबर को हीमपुर दीपा क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में अवैध भंडारण पकड़े जाने के बाद आरोपी पक्ष ने वाजिदपुर की फैक्ट्री के पटाखों के अवशेषों को बंद पड़े ईंट-भट्ठे की खाली जमीन पर फेंक दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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