किरतपुर । निकटवर्ती गांव नगला इस्लाम में वन विभाग की अनुमति के बिना आम के फलदार हरे-भरे वृक्षों को अवैध रूप से काटने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में वन विभाग की शिकायत पर तीन लकड़ी माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बिना परमिशन काटे 10 पेड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार की शाम को वन माफियाओं द्वारा नगला इस्लाम स्थित एक आम के बाग में बिना किसी परमि लगभग 10 फलदार वृक्षों को काट दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के दरोगा दीपक कुमार की तहरीर (शिकायत) पर किरतपुर निवासी आबिद राजा, इंतजार और नौशाद के खिलाफ बिना अनुमति पेड़ काटने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई।
मौके पर छापेमारी और बरामदगी
मामले की सूचना मिलते ही प्रवर्तन दल रूहेलखंड जोन बरेली के प्रभारी संदीप शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी वीरेंद्र कुमार और नजीबाबाद रेंजर रामकुमार सिंह शामिल थे।
टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छापेमारी की
छापेमारी के दौरान देखा गया कि आरोपी जेसीबी मशीन की मदद से काटे गए पेड़ों की जड़ों को उखाड़ रहे थे और पूरे आम के बाग को समतल करने का प्रयास कर रहे थे। वन विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके से आम के पेड़ों की 16 जड़ें बरामद कीं। इसके साथ ही जमीन समतल करने में इस्तेमाल की जा रही जेसीबी मशीन को भी कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की ढील पर उठे सवाल
एक तरफ जहाँ सरकार द्वारा समय-समय पर बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण को बचाने और जनता को स्वस्थ जीवन देने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वन माफिया बिना किसी डर के अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि वन विभाग द्वारा इन माफियाओं पर कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके कारण इनके अंदर शासन या कानून का कोई भय नहीं रह गया है और वे लगातार फलदार वृक्षों को अपना निशाना बना रहे हैं।
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