बिजनौर । कोतवाली शहर पुलिस ने सम्मोहन व बातों में उलझाकर सोने के आभूषण ठगने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी कर सोने की अंगूठी ठगने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी गई पीली धातु की अंगूठी और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक बरामद की है। पकड़े गए मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ आधा दर्जन जिलों में ठगी के मुकदमे दर्ज हैं।
13 सितंबर को दिया था ठगी की वारदात को अंजाम
घटनाक्रम के अनुसार, नगर पालिका के सामने टाउन हॉल निवासी सुभाष कुमार वर्मा पुत्र स्व. राम कुमार वर्मा ने 13 सितंबर को कोतवाली शहर में तहरीर दी थी। पीड़ित का आरोप था कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें बातों में उलझाकर और झांसा देकर उनकी सोने की अंगूठी ठग ली और फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर ठगों की तलाश शुरू की थी।
ये दोनों अभियुक्त हुए गिरफ्तार:
गठित पुलिस टीम ने सुरागकशी व चेकिंग के दौरान प्रकाश में आए दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया:
विनोद कुमार शर्मा पुत्र सम्पूर्णानंद शर्मा (निवासी मोहल्ला गोजानी, थाना रामनगर, जनपद नैनीताल, उत्तराखंड)
कालीचरण पुत्र स्व. रामचंद्र (निवासी ग्राम दोहरिया, थाना नवाबगंज, जनपद बरेली)
पुलिस ने इनके कब्जे से ठगी गई पीली धातु की एक अंगूठी तथा काले रंग की पल्सर बाइक (बिना नंबर प्लेट, चेसिस नंबर: MD2B54DX1RCK07849) बरामद की है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है।
आरोपी विनोद पर दर्ज हैं गैंगस्टर सहित 15 मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी विनोद कुमार शर्मा बेहद शातिर किस्म का ठग है। उसके खिलाफ बरेली, बिजनौर (स्योहारा थाना), मुरादाबाद, बुलंदशहर, पीलीभीत, रामपुर और संभल के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, चोरी, फर्जीवाड़ा, आर्म्स एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट से जुड़े कुल 15 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी कालीचरण के खिलाफ भी बुलंदशहर के डिबाई थाने में मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
गिरफ्तारी करने वाली टीम में शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक शेखर चौधरी, कांस्टेबल योगेश कुमार, कांस्टेबल शुभम चौधरी, कांस्टेबल अनुज और रिक्रूट आरक्षी हेमन्त शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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